ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:  जब भी हम जेल  का नाम सुनते है तो कुछ अलग सोच डरावनी सोच हमारे अंदर आती है। लेकिन। हरियाणा की जेल अब सिर्फ जेल ना  रहकर सुधार गृह  बन रही है। जिसका उदाहरण है फरीदाबाद में लग रहे सूरजकुंड मेले के अंदर लगी हरियाणा कारागार की दुकान इस दुकान में जेल के अंदर कैदियों के हाथों से बनाया हुआ सामान बेचा जा रहा है।
इस सामान को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जेल के अंदर भी कैदियों की प्रतिभा को निखारने के लिए काम किया जा रहा है। इस दुकान में आपको घर की साज-सज्जा का हर वह सामान मिलेगा जो आपको दूसरी दुकानों में तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी इस दुकान में आपको आईना से लेकर। घर में प्रयोग होने वाले शैंपू व जेल , दीवारों पर लगाने के लिए पेंटिंग सहित अन्य सामान आप एक ही दुकान से खरीद सकते हैं और यह सारा सामान हाथ के द्वारा बनाया गया है। क्योंकि यह पूरा सामान जेल के अंदर कैदियों द्वारा बनाया गया है। फरीदाबाद कारागार सुप्रिडेंट अनिल कुमार ने बताया की मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं जेल मंत्री। के आदेश अनुसार।
जेल में कैदियों की छुपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए। और कारागार को सुधार ग्रह की तरफ बढ़ाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। हरियाणा की सभी जेलों में बंद कैदियों की प्रतिभा को। निखारने के लिए सभी पुलिस अधीक्षक अपनी-अपनी जेलों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा मेले में दुकान  लगाने के पीछे यह लक्ष्य है कि लोगों को पता चले की जेल जेल नहीं है। बल्कि सुधार गृह भी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद यह भी है। कि जब भी कैदी जेल से बाहर निकले वह पूरे सम्मान के साथ अपना काम शुरू कर सके और आजीविका कमा सके उन्होंने कहा कि कैदियों को मुख्यधारा में लाने के लिए यह काम बेहद जरूरी है।
क्योंकि इससे जहां कैदियों को जेल में करने के लिए काम मिलता है। साथ ही साथ उनकी कला भी उभर कर आती है। उन्होंने कहा कि मेले की दुकान में हरियाणा की लगभग सभी जिलों से कुछ ना कुछ सामान आया है और जिस बंदी की जो रुचि होती है जिसमें वो काम करने में सक्षम होता है उसको उसी प्रकार का काम दिया जाता है।

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