ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: 14 फ़रवरी 2019 को कश्मीर के पुलवामा में 40 जवान शहीद हुए थे। पुरे देश में शोक की लहर थी। सत्तापक्ष और विपक्ष सभी एक जुट होकर शहीदों की शाहदत को याद कर रहे थे। उन्ही शहीदों में आगरा  के रहने वाले सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल कौशल कुमार रावत जो पिछले 20 साल से हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर गांव में रहते थे। शहीदी के वक्त केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने कई घोषणाए की थी जिन्हे अभी तक पूरा नहीं किया गया है शहीद कौशल कुमार रावत के पार्थिक शरीर को श्रद्गंजली उनके जन्म स्थान आगरा में दी गई थी।  श्रद्धांजलि के समय सांसद विधायक जिला अधिकारियो ने एवं प्रदेश सरकार की तरफ से कई घोषणाएं की गई थी, लेकिन अभी तक कोई भी घोषणा पूरी नहीं हुई। प्रदेश की योगी सरकार ने शहीद के परिजनों को 25 लाख रुपये देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
शहीद के परिजनों ने इसकी शिकायत केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों को कर चुके है लेकिन अभी तक इसपर कोई सुनवाई नहीं हुई है केंद्र सरकार की तरफ से मदद की जाती है लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से  पैसे के अलावा किसी भी तरह का किया हुआ वायदा पूरा नहीं हुआ है।शहीद के परिजनों की माने तो वो पिछले 20 साल से हरियाणा में रह रहे है जिसके कारण यूपी सरकार वादा पूरा नहीं कर रही है। और वही दूसरी तरफ शहीद कौशल कुमार रावत का जन्मस्थान उत्तर प्रदेश होने के कारण हरियाणा सरकार भी इनका साथ नहीं दे रही है।

 

LEAVE A REPLY