न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : सिंगापुर के संसद की पूर्व स्पीकर हलीमा याकूब नई राष्ट्रपति चुनी गई हैं। पिछले पांच दशकों मे वो पहली महिला बनी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति चुना गया है। बुधवार को उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। दरअसल सिंगापुर में नए राष्ट्रपति चुनने की घोषणा की गई थी। जिसके बाद संविधान के प्रावधानों के अनुसार सिर्फ हलीमा को ही योग्य माना गया और इस तरह बिना चुनाव के वो राष्ट्रपति निर्वाचित हो गईं।

हलीमा के पिता भारतीय जबकि मां मलय मूल की थीं। हलीमा ने यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से 1978 में एलएलबी के बाद सिंगापुर चाइनीज गर्ल्स स्कूल, तेन्जोंग काइटोंग गर्ल्स स्कूल में पढ़ाई की। 1981 में वह सिंगापुर बार में शामिल हुआ और 2001 में सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्विद्यालय से डिग्री लिया। वो 14 फरवरी 2013 को सिंगापुर की संसद को अध्यक्ष चुना गया। सिंगापुर के गणतांत्रिक इतिहास में राष्ट्रपति बनने वाली वो पहली महिला हैं।

हलीमा ने माइकल पाल्मर का स्थान लिया है। पाल्मर को विवाहेत्तर संबंधों के कारण 12 दिसंबर 2012 को पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। वे 2001 के बाद से लगातार सिंगापुर के जुरोंग समूह का प्रतिनिधित्व करती रहीं। एक सांसद के रूप में उनका कार्य काफी सराहनीय रहा। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति के रूप में उनके समक्ष कई चुनौतियां भी रहेंगी। लेकिन यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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