ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:-  हुड्डा के तीन सीनियर अधिकारियों के खिलाफप्लाट आवंटन में गड़बड़ी करने नियमो को ताक पर रख किसी और को फायदा पहुंचाने जैसेगंभीर आरोपो के मध्यनजर गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज किया है। दरअसल आरटीआईएक्टिविस्ट की शिकायत पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने शहरी विकास प्राधिकरण(HUDA)के तत्कालीन आईएएस और 2 एचसीएस अधिकारियों समेत इस गड़बड़ घोटाले में शामिलअन्य के खिलाफ पुलिस को आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के आदेश जारीकिए थे, जिस पर संज्ञान लेते हुए गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सेक्टर 14 पुलिसस्टेशन में मामला दर्ज कर तफ़्तीश शुरू कर दी है।

बता दें मामला 1997 का है, जब सेक्टर 56 की डेढ़ एकड़ की नर्सिंग होम की साइट को अलॉट किया गया था और उसी साइट को शहरी विकास प्राधिकरण ने जब्त कर लिया था लेकिन फिर 2015 में उसी साइट को नियमो की ताक पर रख प्लाट के साइज़ को कम ज्यादा कर अलॉट जमीन को फिर अलॉट कर दिया गया। बावजूद इसके की इस साइट पर सरकार का 10 करोड़ का जुर्माना था लेकिन इस जुर्माना राशि को भी हेरफेर कर अलॉटी को अलॉटमेंट कर दिया गया।

जिसके बाद पूरे मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई थी और अब इसकी फर्जीवाड़े की याचिका जिला अदालत में लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को इस गंभीर मामले में एफएआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। पुलिस ने इस मामले पर 156(3) सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज कर तफ़्तीश शुरू कर दी है।

हालांकि घोटाला 10 करोड़ से जुड़ा है तो मनोहर सरकार की साख पर भी सवालिया निशान जरूर खड़ा होता है कि कैसे प्रदेश सरकार की आंखों में धूल झोंक कर कुछ अधिकारी अभी भी मलाई खाने में लगे है और जब ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच करवाई जाती है तो नतीज़ा भी वही ढाक के तीन पात जैसा ही निकल कर सामने आता है। अब ऐसे में देखना होगा कि पुलिसिया तफ़्तीश मामले में शामिल चेहरों को कब तक बेनकाब मामले की सच्चाई को सामने ला पाती है।

LEAVE A REPLY