ऑनलाइन डेस्क लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा की मुख्य विपक्ष रही और पूर्व सीएम ओपी चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी बाल बाल बच गई है। क्योंकि अगर साल 2014 चुनाव आयोग के नियमों में संशोधन नहीं किया गया होता, तो इनेलो की राज्यस्तरीय मान्यता खत्म हो सकती थी। लेकिन अब संशोधित नियम के मुताबिक इनेलो को कोई खतरा नहीं है और पार्टी की मान्यता भी बच गई है।

op chautala

दरअसल, 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में इनेलो को केवल एक मात्र सीट पर ही जीत हासिल हुई है। इनेलो को इस बार महज 2.44 फीसदी वोट ही मिले हैं, यानी कि इनेलो को इस बार के विधानसभा चुनाव में तीन लाख छह हजार 28 वोट मिल पाए हैं, जो कि अभय चौटाला द्वार ऐलनाबाद की एक ही सीट पर जीत हासिल हुई है। आपको बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में इनेलो को करीब 30 लाख वोट मिले थे।

वहीं, साल 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद ही चुनाव आयोग ने नियमो में बड़ा बदलाव करते हुए यह प्रावधान किया था कि हर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की मान्यता को जारी रखने या रद करने का आकलन एक नहीं, लेकिन दो चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इनेलो को इसका पूरा फायदा मिला है। ऐसे में अब इनेलो के लिए अगला विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण होगा।

बता दें कि 1996 में इनेलो अस्तित्व में आई थी और साल 2000 में इनेलो को राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा भी हासिल हुआ था। इसके बाद लगातार तीन चुनावों में इनेलो दूसरे स्थान पर रही। जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो काफी नीचे खिसक गई और दोफाड़ हुई इनेलो से ही निकली जेजेपी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और पहली बार में ही राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा हासिल कर लिया।

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