ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: लैंडर विक्रम का इसरो से उस समय संपर्चंक टूट गया जब वह चंद्रमा की सतह से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था। वहीं लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए इसरो हर संभव प्रयास कर रहा है। वहीं लोगों को यह जानने की उत्सुकता भी जरूर होगी कि, चांद के उस हिस्से पर कैसा मौसम है, जहां चंद्रयान का लैंडर विक्रम मौजूद है।

CHANDRYAAN

दरअसल, चांद की सतह के अलग-अलग हिस्सों में तापमान अलग-अलग होता है। पृथ्वी की तरह चांद के भी दो ध्रुव हैं और यहां अपेक्षाकृत रूप से तापमान बहुत कम होता है। नासा के एक चंद्रयान डिवाइनर के इंस्ट्रूमेंट ने पता लगाया था कि, चांद के दक्षिण ध्रुव के क्रेटरों पर माइनस 238 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहता है और उत्तरी ध्रुव के एक क्रेटर पर माइनस 247 डिग्री तक होता है।

 

 

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