ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:- हरियाणा में 2019 विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछ चुकी है। हर पार्टी अपने मोहरे तलाश रही है | जोड़ तोड़ का समीकरण चरम पर है | एक दूसरे को घेरने की रणनीति में नेता जुटे हैं। फिर से विधायक बनने की होड़ में जनता से ताबड़तोड़ दावे और वादे किये जा रहे हैं। लेकिन सवाल ये कि पिछली बार जो विधायक बने उन्होंने क्या किया | क्या आपके हलके का विकास हुआ

हलके का हाल में आज बात करेंगे पृथला विधानसभा की | जाट बहुल पृथला विधानसभा से 2009 में कांग्रेस के रघुबीर तेवतिया ने जीत हासिल की थी, तेवतिया जाट समुदाय से थे। जाटों की बहुलता थी और हरियाणा में कांग्रेस की लहर भी थी। लेकिन 2014 में जब दूसरी बार इस विधानसभा पर चुनाव हुआ तो तेवतिया तीसरे नंबर पर पहुंच गए। हालांकि उस मोदी लहर में बीजेपी भी यहां से जीत नहीं पाई लेकिन दूसरे नंबर पर रही। और बीएसपी ने यहां बाजी मारी, टेकचंद शर्मा यहां से विधायक बने। सोशल इंजीनियरिंग का बेहतर इस्तेमाल कर टेकचंद शर्मा ने जहां जातीय समीकरण को तोड़ने का काम किया वहीं ब्राह्मण चेहरे के साथ ठाकुर और एससी बीसी का वोट हासिल करने में भी कामयाब रहे। करीब 1100 वोटों से जीतकर पृथला से चंडीगढ़ पहुंचे टेकचंद शर्मा से यहां के लोगों की बहुत सारी उम्मीदें थी। हालांकि विधायक जी के दावे तमाम हैं लेकिन क्या कहती है यहां की जनता। देखिए 5 सालों में कितना बदला पृथला हलका ?

 Watch Video

LEAVE A REPLY