ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:- नूंह जिले के नगीना खंड के गांव खेड़ली खुर्द के दिव्यांग नाहर ने हाथ न होते हुए भी पढ़ाई की अपनी इच्छा को नहीं मारा। नाहर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांडीखेड़ा में पढ़ाई कर पैरों से 10वीं की परीक्षा में 77 प्रतिशत अंक हासिल किए। दिव्यांग नाहर की ये उपलब्धि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है |

दिव्यांग होने के बाद पैस से परीक्षा देकर 10वीं की परीक्षा में 500 में से 385 अंक हासिल करने वाले नाहर को कहीं से कोई मदद नहीं मिल पाई। अपंग होने के बाद ना तो नाहर की फीस माफ की गई और ना ही सरकार की ओर से कोई पेंशन दी गई। नाहर ने ये साबित कर दिया कि यदि हौंसलों में उड़ान हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता।  

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