ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: बच्चों का मार्ग दर्शक एक अच्छा अध्यापक होता है | लेकिन अध्यापक ही बच्चों को समझाने और पढ़ाने के नाम पर पिटने लगे तो कैसे देश का भविष्य सुधर सकेगा | कैसे बच्चों का अच्छी शिक्षा मिल पाएगी | ऐसा ही मामला महाराजा कोठी में कमांद प्राइमरी स्कूल का जहां अध्यापक बच्चे की गलती सुधारने की जगह पर उसकी पिटाई कर डाली और पिटाई भी इतनी बुरी तरह से की, कि बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भर्ती करवाना पड़ा | वहीं पीड़िता बच्ची की मां छाया ठाकुर ने बताया कि बच्ची की दादी उसे सुबह बिस्तर से उठाया तो उसकी आँखों और सिर पर चोट लगी हुई थी | जब उसकी मां ने बेटी चोट के बारे में पूछा तो | बेटी ने बताया कि स्कूल में शिक्षक ने उससे कुछ सवाल पूछा था | लेकिन उसे इसका जवाब उसे पता नहीं था | जिसके चलते शिक्षक ने उसे मारना शुरू कर दिया | वहीं कुल्लू दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस मामले की पूरी छानबीन की जाए और दोषी शिक्षक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश भी दिए |

लेकिन अब सवाल ये उठते है कि 3सरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची ने सवाल का जबाव नहीं दिया था | तो कौनसा बड़ा जुर्म किया कि उसको इतना पिटा गया | क्या सवाल का जबाव ना दे पाना इतना गुनाह है कि मासूम को इतनी बेहरमी से मारा जाए | क्या अध्यापक का बच्चे को इस तरह से समझाने का तरीका सही है ? सवाल तो ऐसे ही बहुत है लेकिन इनका जबाव किसी के पास नहीं है और अध्यापक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है | इस तरह की हरकतों का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है |

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