ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा के खेल और खिलाडियों ने पूरे विश्व में एक अलग पहचान बनाई है। इसके चलते हरियाणा के भिवानी में इंडोनेशिया की टीम आने वाली एशियन गेम्स की तैयारी करने आई है। भिवानी के कोच छाजू राम इंडोनेशिया की टीम को कबड्डी के गुर सिखाएंगे।
Phogat-Sistersहरियाणा के बारे में एक कहावत है कि देसां में देश हरियाणा, जित दूध दही का खाणा। हरियाणा की पहचान हरियाणा के खाने से होती थी, लेकिन हरियाणा के नौजवानों की मेहनत और लगन ने हरियाणा को खेल के क्षेत्र में एक मुकाम पर पहुंचा दिया है। भारत के लिए हरियाणा के खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में हरियाणा की एक विशेष पहचान कायम कर दी है।  कुश्ती, बॉक्सिंग और कबड्डी में हरियाणा के खिलाडियों का लाजवाब प्रदर्शन देखने को मिलता है।

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इसी का असर है कि इंडोनेशिया की टीम को कबड्डी सिखने के लिए हरियाणा भेजा गया है। भिवानी के कबड्डी कोच छाजू राम इंडोनेशिया की टीम को कबड्डी सिखाएंगे। छाजू राम 30 जुलाई तक इन खिलाड़ियों को लगातार अभ्यास कराएंगे और अगस्त में होने वाले एशियान गेम्स के लिए तैयार करेंगे। छाजू राम ने बताया कि इन खिलाडियों के खेल में वो सुधार लाएंगे, जिससे ये खिलाडी जीत दर्ज कर सकें।

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इंडोनेशिया के कोच का कहना है कि दोनो टीमो में काफी अंतर है। भारत की टीम काफी मजबूत है।

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भिवानी के डीएसओ कृष्णानंद ने बताया कि इंडोनेशिया की टीम भिवानी पहुंची है, जोकि भिवानी के लिए काफी गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि भिवानी के कोच छाजू राम गोयत इन खिलाडिय़ो को सिखा रहे है, जो बड़ी खुशी की बात है। इंडोनेशिया की टीम का हरियाणा में कबड्डी सीखने आना देश और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। हरियाणा के खिलाडी सुविधाओं के अभाव में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते है। उसी का परिणाम है कि पूरे विश्व में हरियाणा के खेल की अलग पहचान है और इसी वजह से इंडोनेशिया की टीम हरियाणा में कबड्डी सीखने आई है, लेकिन सरकार को इस ओर ध्यान देकर खिलाड़ियों को सभी आवश्यक सुविधाएं भी मुहैया करानी चाहिए।

 

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