ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए 6 लाख क्यूसिक से अधिक पानी ने करनाल जिले के कई गांवों में जमकर तबाही मचाई। गांवों में घुसे यमुना के पानी के कारण दर्जनों गांवों का आपस में संपर्क टूट गया। जिले में बाढ़ के हालात बनने पर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी राहत कार्यों में जुट गए है। किसानों के खेत में 5 से 6 फुट तक पानी चल रहा है। KNL FLOODबाढ़ के पानी के कारण किसानों की धान, ज्वार, बाजरा और गन्ने की फसल खराब हो रही है। किसान विवेद का कहना है कि बाड़ के पानी से उनकी फसलें तबाह हो रही है। लगातार 6 महीने तक मेहनत करके वो अब फसल के तैयार होने के इंतजार में थे, लेकिन बाढ़ के पानी ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने भी बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को उन्हें दूर करने के दिशा निर्देश दिए। राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि किसानों की बर्बाद हुई फसलों की तत्काल गिरदावरी कराकर उन्हें राहत देने का काम किया जाएगा।

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