ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया:  पंजाब में खुदकुशी करने का सिलसिला लगातार जारी है, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सत्ता में आने से पहले पंजाब के लोगों से वादा किया था कि किसानों को कर्ज मुक्त कर दिया जाएगा। पर सत्ता में आने के बाद उन्होने ऐसा कुछ नहीं किया। कर्ज मुक्त स्कीम को लागू किया भी गया पर इसके बावजूद भी पंजाब के किसान कर्ज के बोझ को ना सहते हुए आत्महत्या कर रहे है। पर पंजाब सरकार आंख मूंद कर बैठी हुई है। पंजाब सरकार ने कर्ज माफी स्कीम भी लागू की पर जिन लोगों को इस स्कीम की ज्यादा जरूरत थी वहां तक स्कीम का नामो निशान भी नहीं है.

CM CAPTIAN  KARJMAAFI

पंजाब सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश उस समय हुआ जब पंजाब में 24  घंटे के अंदर अंदर पांच किसानों की मौत हो गई। इन किसानों ने कर्जा का बोझ ना सहते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पंजाब में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पंजाब सरकार के मुंह पर तमाचा मार दिया है. यदि पंजाब सरकार ने अभी भी जरूरतमंद किसानों के लिए कुछ नहीं किया तो ऐसे ही किसान अपनी जिंदगी से तंग आकर खुदकुशी करते रहेंगे। ये भी कहा नहीं जा सकता कि ये पहला मामला है इससे पहले भी कई किसानों ने अपनी जान कर्ज का बोझ ना सहते हुए की है। फिर पंजाब सरकार ने कुछ नहीं किया। अब देखना ये होगा की किसान कब तक कर्ज से परेशान को होकर आत्महत्या करते रहेंगे। पंजाब सरकार को किसानों के लिए अपनी आंखें खोलने की जरूरत है।

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