ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया: सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी इच्छा के साथ मरने की इज्जात दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगवाई वाले 5 मैंबरी बैंचने अपनी इच्छा के साथ मौत की इज्जात दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि लोगों को आदर के साथ मरने का अधिकार है।

Supreme Court

बता दें कि एनजीओ कामन काज ने इस मुद्दे पर 2005 में पटीशन दायर की थी। पटीशन में कहा गया था कि गंभीर बीमारी के साथ पीड़ित लोगों को लिविंग विल का अधिकार होना चाहिए। इस विल के द्धारा एक व्यक्ति यह कह सकता है कि जब वह ऐसीहालत में पहुंच जाता है जब उसको ठीक होने की कोई भी आस नहीं होती है तो उसको जबरदस्ती लाईफ स्पोर्ट में ना रखा जाए।

Suicide

इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि वह लिविंग विल की मांग के लिए  समर्थन नहीं करती है क्योकि यह तरीका आत्महत्या करने जैसा ही है पर विशेष हालात अधिन कौमा के लाईफ सपोर्ट सिस्टम को हटाने के लिए यह गलत भी नहीं है।

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