ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बजट भाषण के दौरान घोषणा किया कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) देश में 5G मोबाइल सेवा की शुरुआत के लिए IIT चेन्नई में टेस्टिंग लैब बनाएगी। वित्त मंत्री की घोषणा से साफ है कि मोदी सरकार इंडिया को डिजिटल बनाने के लिए किसी भी सूरत में पीछे नहीं रहना चाहती। IIT चेन्नई में 5G तकनीक की शुरूआत के लिए डिवाइस और अन्य उपकरण लगेंगे। उन्होंने बताया कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो साल 2020 तक देश में 5G मोबाइल सेवा शुरू हो जाएगी। इससे भारत ग्लोबल मार्केट में अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराएगा।

4G की तुलना में 5G से 20 गुना तेज डाउनलोडिंग

दरअसल, दो महीने पहले ही दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने देश में 5G मोबाइल सेवा शुरू करने के लिए नई टेलिकॉम पालिसी पर जोर दिया था। देश में पहले से ही 3G और 4G मोबाइल सेवा जारी है। कई कम्पनियां किफायती दामों पर 4G मोबाइल सेवा दे रही है। इससे उत्साहित वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में 5G मोबाइल सेवा का उल्लेख किया है। अगर देश में 5G मोबाइल सेवा शुरू होती है तो 4G की तुलना में 20 गुना ज्यादा तेजी से डाउनलोडिंग स्पीड का इस्तेमाल किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि फिलहाल 4G तकनीक से 1GB प्रति सेकेंड की दर से कोई फाइल डाउनलोड होती है। 5G मोबाइल सेवा शुरू होने के बाद यह स्पीड बढ़कर 20GB प्रति सेकंड हो जाएगी।

10 हजार करोड़ खर्च करके 5 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट

डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018 में 5 लाख हॉटस्पॉट लगाने का ऐलान किया। इससे देश की 5 करोड़ आबादी को इंटरनेट से जोड़ा जा सकेगा। सरकार इन हॉटस्पॉट को स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रूपए खर्च करेगी। इसके अलावा भारत नेट प्रोग्राम के तहत 2.5 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाकर 1 लाख पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने के लिए नीति (NITI) आयोग प्रोग्राम शुरू करेगी। सरकार की कोशिश है कि देश के हर गांव में वाई-फाई हॉटस्पॉट की स्थापना किया जाए।

 

 

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