Online Desk: मनुष्य एक समाजिक प्राणी है उसे समाज में रहने के लिए एक दुसरे का साथ जरूरी है ये सब प्राकृतिक है और किसी के दुनिया में आने और जाने से प्रकृति पर कोई असर नही पड़ता लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपनी मौत का लाइव विडियो सोशल साईट पर खुद बना के समाज को दिखाए तो वह समाज पर बुरा असर डालती है।
मामला गुरदासपुर के गांव नानोवाल जीदड का है जहाँ परमजीत सिंह नामक युवक ने फेसबुक पर लाइव आत्महत्या कर ली और खुदकुशी करने से पहले बयान देते हुए अपनी आत्महत्या का कारण ससुराल पक्ष को बताया।


बात पारिवारिक मतभेद की नही है, बात ख़ुदकुशी की भी नही है, बात यह है कि इस लाइव विडियो का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? क्योंकि आज अगर देखा जाये तो सोशल साईट से समाज में बहुत बदलाव आयें है। सोशल साईट का समाज पर खासकर युवा वर्ग पर बहुत असर होता है। एक सोशल सर्वे के अनुसार विश्व के 85 % युवा सोशल साईट पर एक्टिव रहते है। अगर कहा जाये तो सोशल मीडिया ,सोशल साईट के जरिये कई विकासात्मक कार्य हुए हैं जिनसे की लोकतंत्र को समृद्ध बनाने का काम हुआ है। जिस से समाज को जोड़ना और एक सूत्र में बाँधने का काम हुआ है।

social media
बात अगर सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने की है तो आपको सोचना होगा कि क्या ख़ुदकुशी से समस्या का हल हो गया? इसे युवा वर्ग किस तरह से देखता है या सीखता है? बात वहीं पर आकर रुक जाती है कि आत्महत्या से क्या आपकी सभी मुश्किलें खत्म हो गई ? नही, बल्कि वो और बढ़ जायेंगी जरा सोचिये जिस समस्या को लेकर आपने जान दी आपके जाने के बाद इसी समस्या से आपके परिवार वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और इस तरह से सोशल मीडिया पर अपनी ख़ुदकुशी की विडियो डालकर किसी को कोई फर्क नही पड़ेगा। लेकिन अगर आप सोशल मीडिया का प्रयोग अपनी समस्या हल करने में लगायें तो शायद आपको उसका हल मिल जायेगा।
भगवान ने हमे इतना सुंदर जीवन दिया है इसे बर्बाद करने का हमे कोई हक नही है जीवन में उतार-चढाव आते रहते है उसका हल निकाले न कि उस से हार जाएँ।

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