ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया : हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने गुरूवार से मोगा के अलग-अलग हिस्सों में दुकानों को हटाने का काम शुरू कर दिया। निगम को अतिक्रमण करने वाली 239 दुकानों को हटाने का निर्देश मिला था। शहर में इस बाबत मुनादी भी करा दी गई थी। निगम ने दुकानदारों को निर्देश दिया था कि 17 जनवरी को शाम छह बजे तक दुकानों को हटा लिया जाए। वहीं इस निर्देश के बाद दुकानदार धरने पर भी बैठे थे।

नारेबाजी के डरकर खिसक गए विधायक

धरना दे रहे दुकानदारों से मिलकर मोगा के विधायक हरजोत कमल ने आश्वासन दिया था कि दुकानों को हटाने के लिए कुछ समय दिया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद दुकानदारों ने अपना धरना भी समाप्त कर दिया था। लेकिन गुरूवार को जब दुकान हटाने का काम शुरू हुआ तो दुकानदारों ने चीफ इंजीनियर से कुछ समय मांगा। वहीं विधायक भी मौके पर पहुंचे लेकिन जब उनके खिलाफ नारेबाजी की जाने लगी तो वो वहां से चुपचाप खिसक गए।

हाईकोर्ट के आदेश पर निगम की कार्रवाई

कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डिप्टी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्हें कमिश्नर का ऑर्डर मिला हुआ है। दुकानों को हटाने का काम हाईकोर्ट के आदेश पर किया जा रहा है। जब डिप्टी कमिश्नर से दुकानदारों और विधायक के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। दुकानों को हटाने के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी घटना ना हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे।

 

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