ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया : सुप्रीम कोर्ट ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी। इसके बावजूद देश भर में कथित करणी सेना के नाम पर विरोध-प्रदर्शन जारी है। हालात यह है कि करणी सेना के साथ ही मध्यप्रदेश और राजस्थान की सरकार फिल्म पर बैन लगाने की मांग कर रही है। दूसरी तरफ करणी सेना का विरोध प्रदर्शन जारी है। हालांकि, निर्देशक संजय लीला भंसाली ने करणी सेना के प्रतिनिधियों को फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन करणी सेना ने आंमत्रण ठुकराकर फिल्म रिलीज ना करने की धमकी दे डाली।

CM के कहा सरकार देगी सुरक्षा!

मध्यप्रदेश के उज्जैन में तो करणी सेना से जुड़े लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। साथ ही चक्का जाम करके जमकर नारेबाजी की। इससे स्थिति पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। वहीं हरियाणा के कुरूक्षेत्र के सेक्टर 17 स्थित कैसल मॉल में रविवार की देर शाम हथियार बंद नकाबपोश युवाओं ने जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर का बयान आया कि अगर कोई फिल्म दिखाने का फैसला करता है तो उसकी हिफाजत की जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूर्व CM खट्टर पहले फिल्म पर बैन लगाकर इसे रिलीज ना करने की बात कह चुके हैं।

राजस्थान, मप्र, नोएडा में हंगामा

अगर राजस्थान की बात करें तो वहां फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ ही विरोध-प्रदर्शन जारी है। फिल्म शूटिंग की शुरूआत में करणी सेना ने निर्देशक संजय लीला भंसाली पर हमला कर दिया था। वहीं भीलवाड़ा में एक युवक 350 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर फिल्म रिलीज ना करने की धमकी दी। वहीं राजस्थान के टोंक जिले में भी फिल्म पर प्रतिबंध की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। जबकि नोएडा के डीएनडी एक्सप्रेस-वे पर भी प्रदर्शनकारियों ने टोल बूथ पर जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हॉल मालिक सुरक्षा मांग रहे हैं पर सरकार खामोश बैठी है।

बिना फिल्म देखे जारी विरोध

राजस्थान से लेकर हरियाणा और मध्यप्रदेश में फिल्म के विरोध में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कथित करणी सेना के गुंडे ठेंगा दिखाने से नहीं चूक रहे हैं। मतलब साफ है कि विरोधियों का एकमात्र मकसद अपनी बात मनवानी है। हैरानी की बात यह है कि हरियाणा की सरकार एक ऐतिहासिक पात्र पर बनी फिल्म को बिना देखे ही ऊलजलूल बयानबाजी कर रही है। जबकि हकीकत में हर दिन हरियाणा में महिलाओं और युवतियों की इज्जत लूटी जा रही और सरकार खामोश है। मतलब साफ है कि सरकार की शह पर फिल्म का विरोध किया जा रहा है।

 

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