भारत त्योंहारों का देश है। यहाँ भिन्न भिन्न प्रकार के लोग अपने अपने तरीके से त्योहारों को मनाते हैं। लेकिन कुछ व्यवसायी लोग अपने निजी फायदे के लिए त्योहारों में गलत सामग्री का प्रयोग करते है। जिससे रंग में भंग तो पड़ ही जाता है। साथ ही इससे जान-माल का भी नुकसान होता है।

LOHRI SONG

बात पंजाब की करते हैं। जहाँ लोहड़ी और मकर सक्रांति का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जाता है यह त्यौहार तिल गुड़ की मिठास के साथ-साथ पतंगबाजी के उत्साह से भरा पर्व है। लेकिन पतंगबाजी के पेंचे लड़ाकर, हर पल रोमांच खुशि‍यों से भर देने वाला यही त्योहार एक ही पल में आपसे सारी खुशि‍यां छीन सकता है।makar sankranti 2018 dont use chinese dor

 

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जी हां, पतंग उड़ाने के लिए आप जिस मांझे यानी डोर का इस्तेमाल करते हैं, वह बेहद खतरनाक भी हो सकता है।सक्रांति के पहले ही बाजार रंगबिरंगी, छोटी-बड़ी, विभि‍न्न आकार की पतंगों से सज जाता है। इनमें से आप अपने मुताबिक कोई भी पतंग चुन सकते हैं, लेकिन इसे उड़ाने के लिए आप जिस मांझे, यानि पतंग उड़ाने वाली डोर का इस्तेमाल कर रहे हैं उससे सावधान हो जाएं। यह डोर न केवल आपको बुरी तरह से घायल कर सकती है, बल्कि संक्रांति पर पतंग की यह सुनहरी डोर, आपसे आपकी या अपनों की जिंदगी भी छीन सकती है।

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जहां एक तरफ NGT ने चाइनीज और कांच वाले मांझे पर रोक लगाई है तो वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने चीनी मांझे की बिक्री, भंडारण व आपूर्ति पर रोक लगा दी है।

पंजाब में अब सिर्फ सूती धागे से बने डोर ही बिक सकेंगे। सरकार ने ऐसे देसी डोर पर भी पाबंदी लगाई है,जिन्हें बनाने में नायलॉन या प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है।

बता दें कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इस पर बैन लगाते हुए कहा है कि पक्षियों, पशुओं और इंसानों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे किसी भी प्रकार के नायलॉन और ऐसे किसी भी अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बने डोर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा, जिसका रासायनिक विघटन जैविक तरीके से संभव नहीं है।

अगर देखा जाये तो पूरे देश में पतंग उड़ाने के लिए नायलॉन और सिंथेटिक पदार्थ से बने डोर का ज्यादा उपयोग किया जा रहा है, जिसके कई प्रकार के दुष्परिणाम सामने आ रहे है साथ ही यह पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल नहीं है।

आजकल बाजार में चाइना की बनी पतंगें और मांझे की खूब बिक्री हो रही है। लेकिन दिखने में आकर्षक और मजबूत मांझा आपको बुरी तरह से घायल कर सकता है। दरअसल अपनी पतंग को कटने से बचाने के लिए लोग चाइना की डोर का प्रयोग करते हैं, लेकिन चाइना की यह डोर सिर्फ आकाश में उड़ते पंछियों को ही घायल नहीं करती, बल्कि जरा सा टकराव होने पर आपके नाजुक हाथों को भी घायल कर देती है।

पि‍छले कुछ सालों में चाइना की डोर में उलझकर कई जानें जा चुकी है। इससे बचने के लिए आपको बेहद सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। अगर हो सके तो समान्य डोर का इस्तेमाल करें जिससे किसी पशु-पक्षी को नुक्सान न हो और आपके आसपास के लोग भी सुरक्षि‍त रहें।

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