न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : रौशनी के त्योहार दीपावली का आगाज हो चुका है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। इसके साथ ही दीपावली को लेकर मिठाईयों की दुकानें भी सजी हुई हैं। लोग दीपावली के अवसर पर एक-दूसरे को मिठाईयों के साथ शुभकामना भी देते हैं।

मिठाईयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी भी काफी हद तक बढ़ जाती है। अगर आपने भी मिलावटी मिठाईयां खरीदी तो हो सकता है कि आपको अस्पताल में दीपावली गुजारनी पड़ी। क्योंकि यह सच है कि त्योहार के नाम पर दुकानदार आपको मिलावटी मिठाईयों की आड़ में जहर भी थमा देते हैं। हम आपको बता रहें हैं कि आखिर मिलावटी मिठाईयां कितनी खतरनाक हो सकती हैं।

मिलावटी मिठाईयों से गर्भवती महिलाओं को नुकसान होता है। हमारी सलाह है गर्भवती महिलाएं मिठाईयों से दूर रहें।

मिठाईयों में लाल रंग का प्रयोग किया जाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो अधिकांश लाल रंग से कैंसर हो सकता है।

पीले रंग की मिठाईयों में जो केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है उससे दमा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

 

 

 

आपने मिलावटी मिठाईयां ज्यादा खा लिया है तो इससे लीवर के कार्य करने की क्षमता पर काफी बुरा असर पड़ेगा।

मिठाईयों में मिलाया गया ओरामिन तत्व शरीर का विकास रोकने के साथ लीवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

जलेबी और लड्डू में जो रंग मिलाया जाता है उसका रंग शरीर के अंदरूनी हिस्सों के लिए काफी खतरनाक होता है।
मिलावटी मिठाईयां मूड को खराब कर सकती है, आपको थकान महसूस होगा। सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।

केमिलक का इस्तेमाल करने के कारण मिठाईयां शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाने का काम करती है।

मिलावटी मिठाईयों से पेट दर्द, खून की कमी, डिप्रेशन हो सकता है। बुजुर्गों के लिए रंगों वाली मिठाई काफी खतरनाक है।

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