न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : गुरदासपुर उप-लोकसभा चुनाव के बाद अब देव भूमि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। हिमाचल में एक ही चरण में 9 नवंबर को सभी 68 सीटों पर वोट डाले जाएंगे और नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे। इन चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी को पूरी उम्मीद है कि इस बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का लाभ उठाते हुए पहाड़ों पर भी कमल खिलेगा।

इसी की रणनीति बनाने एवं तमाम मुद्दों पर मंथन को लेकर हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, प्रभारी मंगल पांडे, अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, वरिष्ठ नेता शांता कुमार समेत अन्य ने चंडीगढ़ में एक हाई-प्रोफ़ाइल बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री उम्मीदवार सहित अन्य उम्मीदवारों के नामो पर चर्चा हुई।

हालांकि केंद्रीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का नाम भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे है। चुनावी वर्ष होने की वजह से केंद्र सरकार भी पहले से ही हिमाचल प्रदेश पर मेहरबान रही है। माना जा रहा है कि इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। वैसे भी 1990 के बाद से हिमाचल प्रदेश में हर पांच साल पर सरकार बदलते रहने का इतिहास भी रहा है।

दूसरी तरफ PM नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी भी इस चुनाव में भी जीत हासिल करने का जोर लगाने को तैयार बैठी है। केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ जगत प्रसाद नड्डा, सतपाल सिंह सत्ती, जयराम ठाकुर और अजय जामवाल को भाजपा की जीत को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। खैर, यह आने वाला वक्त ही बताएगा कि बढ़ते जा रहे ठंड में देवभूमि की गर्म होती राजनीति फिजां में क्या खिलता है।

 

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